आज के समय में टेक्नोलॉजी की मदद से भी काम आसान हो गए हैं। जिन कार्यों को करने के लिए कभी हमें खुद बाहर जाना होगा था, अब उन्हीं कार्यों को घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है। ऑनलाइन शॉपिंग होती है, ऑनलाइन कुछ भी खरीदा बेचा जाता है, ऑनलाइन खाना या कुछ भी मंगवाया जा सकता है और यहां तक कि बैंकिंग से संबंधित लेनदेन भी ऑनलाइन ही होने लगी हैं। अब जब इतना कुछ ऑनलाइन हो रहा है तो जाहिर सी बात क्राइम भी होने की संभावना बढ़ेगी। बुधवार को आईबीएम द्वारा जारी रिपोर्ट में पता चला है कि एशिया महाद्वीप में जापान के बाद भारत दूसरे नंबर पर है, जिस पर साइबर क्रिमनल द्वारा अटैक किया गया है। Security ने देखा कि 2020 में साइबर क्रिमनल्स ने उन व्यवसायों पर सबसे ज्यादा अटैक किया जो कि ग्लोबल लेवल पर कोरोनावायरस के विरोध में काम कर रहे थे जैसे कि हॉस्पिटल, मेडिकल और दवा निर्माता और एनर्जी कंपनियां जो कि कोरोना वायरस में मदद के लिए सप्लाई का कार्य कर रही थीं। एशिया महाद्वीप में भारत दूसरा सबसे अधिक अटैक झेलने वाला देश था। भारत पर हुए अटैक से 2020 में एशिया पर हुए कुल अटैल में 7 फीसद की वृद्धि हुई। इस दौरान भारत में फाइनेंस और इंश्योरेंस इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा (60 फीसद) अटैक हुआ था और उसके बाद मैन्युफेक्चरिंग और प्रोफेशनल सर्विस थी। इस दौरान रैनसमवेयर () एक ऐसा अटैक था जो कि सबसे ज्यादा (40 फीसद) बार किया गया था। वहीं डिजिटल करेंसी माइनिंग और सर्वर एक्सेस के अटैक हुए, जिनके चलते कई बीते वर्ष कई भारतीय कंपनियों पर असर हुआ था। IBM टेक्नोलॉजी सेल्स इंडिया के सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर टेक्निकल सेल्स लीडर सुदीप दास ने कहा कि 'इस दौरान हमने यह देखा कि कैसे साइबर क्रिमनल ने रिलीफ एफर्ट्स और पब्लिक हेल्थ इंफॉर्मेशन का इस्तेमाल करते हुए वैक्सीन सप्लाई चेन को प्रभावित करने का कार्य किया। इस प्रकार की दिक्कतें 2021 में भी जारी रहीं।
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