नई दिल्ली ऐलन मस्क की Starlink की अमेरिकी और कनाडा में परफॉर्मेंस से जुड़ा एक डेटा रिलीज किया गया है। एक स्टडी में की स्पीड, लेटैंसी, डेटा, ऐक्सिसबिलिटी और कॉस्ट से जुड़ी जानकारी शेयर की गई है। बता दें कि अभी स्टारलिंक बीटा फेज में कुछ चुनिंदा मार्केट्स में उपलब्ध है। यह स्टडी Speedcheck ऑर्गनाइजेशन ने की है। स्पीडचेक ने अपनी स्टडी में पाया कि स्टारलिंक ब्रॉडबैंड ने 50.5Mbps डाउनलोड स्पीड, 14Mbps अपलोड स्पीड और 52.5 ms लेटैंसी हासिल की। अमेरिका में अपलोड और डाउनलोड स्पीड क्रमशः 13Mbps और 50Mbps थी जबकि लेटैंसी 57ms रही। वहीं कनाडा में डाउनलोड और अपलोड स्पीड 49Mbps और 14 Mbps क्रमशः रिकॉर्ड की गई। यहां लेटैंसी 52 ms रही। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारलिंक ग्राहकों ने ज्यादा कीमत और अनस्टेबल लिंक जैसी समस्याओं के बारे में बताया। स्टडी में पता चला कि स्टारलिंक ग्रामीण इलाकों में ज्यादा इस्तेमाल होगा तो ऐसे में ज्यादा कीमत एक सवाल हो सकती है। क्योंकि शहरों में स्टारलिंक लाइव को शहरों में रह रहे लोग तो अफॉर्ड कर सकते हैं लेकिन उन्हें ग्रामीण इलाकों की तरह इंटरनेट कनेक्टिविटी की उतनी जरूरत नहीं है। रिपोर्ट में आगे स्टारलिंक सैटलाइट ब्रॉडबैंड को मौजूदा ब्रॉडबैंड सर्विसेज जैसे Fiber और DSL के साथ कंपेयर किया गया। स्टडी में बताया गया कि स्टारलिंक को उन दूसरी सैटलाइट सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ कंपीट करना है जो आने वाले समय में सैटलाइट सर्विस को लॉन्च करने की योजना बना रही हैं। बता दें कि स्टारलिंक को जियोस्टेशनरी ऑर्बिट (GEO) में मौजूदा सैटलाइट सर्विस प्रोवाइडर से भी कड़ी टक्कर मिलेगी। ऐसे इलाकों में लो अर्थ ऑर्बिट सैटलाइट जैसे स्टालिंक बाकियों को पीछे छोड़ देती है और इसका कारण है कम लैटेंसी का होना। हाई लेटैंसी के चलते लोगों को विडियो कॉल, कॉन्फ्रेन्स कॉल, गेमिंग समेत दूसरी चीजों में समस्या आती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि स्टारलिंक को साफ और खुले आसमान की जरूरत पड़ेगी। और इसमें हस्तक्षेप का रिस्क काफी है क्योंकि सभी LEO सैटलाइट्स सेम फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं जबकि फाइबर हर तरह के मौसम में भरोसेमंद सर्विस सुनिश्चित करती है। फाइबर ब्रॉडबैंड की स्थिति में स्पीड पर ISP से दूरी होने का फर्क नहीं पड़ता। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होता और फाइबर, सैटलाइट सर्विस व DSL से ज्यादा भरोसेमंद है। DSL ऐसी जगहों पर है जहां टेलिफोन लाइन्स अंडरग्राउंड नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि फाइबर और डीएसएल की ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सीमित उपलब्धता है लेकिन स्टालिंक का मकसद हर जगह उपलब्धता कराना है। Fiber, Cable और DSL से अमेरिका के सात शहरों में स्पीडचेक ने स्टारलिंक की तुलना की। बीटा फेज में स्टारलिंक की मीडियन डाउनलोड स्पीड 42-60 Mbps रही, जबकि फाइबर ने 250-1000Mbps, Cable ने 10-500Mbps और DSL ने सबसे कम 5 से 35Mbps स्पीड रिकॉर्ड की। मीडियन अपलोड स्पीड की बात करें तो Starlink ने 12.91-16.23, फाइबर ने 250-1000Mbps, केबल ने 5-50Mbps और DSL ने 1 से 10 Mbps स्पीड रिकॉर्ड की। लेटैंसी की बात करें तो फाइबर की लेटैंसी स्टारलिंक से कम रही जबकि केबल की लेटैंसी DSL से कम रही। सबसे हाई लेटैंसी DSL की रिकॉर्ड की गई।
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