नई दिल्ली। भारतीय रेलवे द्वारा विकसित किया गया ऐप में एक बड़ा एडिशन किया गया है। अब तक यह ऐप केवल अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराया गया था। लेकिन अब इसे हिंदी भाषा में भी उपलब्ध करा दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, ऐप के वर्तमान में लगभग 1.47 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। इस ऐप के यूजर्स यहां से अनरिज्वर्ड यानी अनारक्षित टिकट बुक कर सकते हैं। टिक बुक करने के लिए उन्हें अलग-अलग डिजिटल पेमेंट विकल्प दिए जाते हैं जिनमें रेल-वॉलेट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई और ई-वॉलेट शामिल हैं। रेल-वॉलेट के यूजर्स को रिचार्ज पर 5% बोनस भी मिलता है। पहले अनरिज्वर्ड टिकट्स रेलवे स्टेशनों के बुकिंग काउंटरों से ही दिए जाते थे। बुकिंग काउंटरों पर यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में यात्रियों के इस समय को खराब होने से बचाने के लिए रेलवे टिकट एजेंट्स और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों को पेश किया गया। यह बड़े स्टेशन्स पर उपलब्ध कराई गई थीं। लेकिन इनमें भी यात्रियों का सामने होना बेहद जरूरी था। ऐसे में इन सब को देखते हुए और यात्रियों की परेशानी को कम करने के लिए UTS मोबाइल ऐप को पेश किया गया। UTS ऐप कई तरह की सर्विसेज का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है। इसे प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस पर अकाउंट रजिस्टर करना होता है। एक बार जब आप अपने नाम, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी का इस्तेमाल कर ऐप पर रजिस्टर करते हैं तो आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आता है। इस ओटीपी को दर्ज करना होता है और अकाउंट तक में लॉगइन करने के लिए लॉगइन आईडी और पासवर्ड डालना होता है जिसे आपके मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। बता दें कि UTS ऐप को पहली बार दिसंबर 2014 में लॉन्च किया गया था। लॉन्च से पहले इसे कई बार टेस्ट किया गया था। पहले इसे मुंबई में उपलब्ध कराया गया था। फिर धीर-धीरे वर्ष 2015-17 के बीच चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता और सिकंदराबाद जैसे मेट्रो शहरों में भी इसे इस्तेमाल करा दिया गया। नवंबर 2018 से यह ऐप इंटर जोनल यात्रा के लिए भी उपलब्ध करा दी गई।
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