पैरेंट्स की पाठशाला: आखिर क्यों समय से दरिद्र होते जा रहे हम?

जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटना के बाद घर-घर में ना केवल चर्चा हो बल्कि बच्चों को अवसाद से बचाने की कोशिश भी होनी चाहिए. ये तभी होगा, जब पैरेंट्स स्वीकार करेंगे कि समस्या है. हमें समझना होगा कि हमारे बच्चों को वास्तव में क्या चाहिए?

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