आईओसी के वाइस-प्रेसिडेंट ने कहा- अगले साल तय समय पर गेम्स होंगे, चाहे कोरोना के साथ हों या फिर उसके बगैर

इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के वाइस-प्रेसिडेंट जॉन कोट्स ने अगले साल होने वाले टोक्यो गेम्स को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगले साल टोक्यो ओलिंपिक तय समय पर होकर रहेंगे। चाहे कोरोना के साथ हों या फिर उसके बगैर।

कोरोना के कारण इस साल होने वाले टोक्यो गेम्स पहले ही एक साल के लिए टाले जा चुके हैं। अब यह 2021 में 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होंगे।

‘टोक्यो गेम्स अगले साल 23 जुलाई से शुरू हो जाएंगे’
जॉन कोट्स टोक्यो ओलिंपिक के लिए बनाई गई आईओसी की कॉर्डिनेशन कमीशन के चीफ भी हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘‘यह (टोक्यो ओलिंपिक) तय जगह और समय पर होंगे। चाहे कोरोना के साथ या उसके बगैर। गेम्स अगले साल 23 जुलाई से शुरू हो जाएंगे।’’

गेम्स के लिए कोरोना वैक्सीन की शर्त जरूरी नहीं: मुतो
हाल ही में टोक्यो गेम्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) तोशीरो मुतो ने कहा था, ‘‘अगले साल ओलिंपिक और पैरालिंपिक के लिए कोरोना वैक्सीन की शर्त जरूरी नहीं है। आईओसी और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) से इस पर पहले ही बात हो चुकी है। यदि इस दौरान वैक्सीन आ जाती है, तो यह गेम्स के लिए अच्छा होगा। हालांकि, अगर आप मुझसे यह पूछेंगे कि वैक्सीन का होना शर्त है, तो मैं इससे इनकार करता हूं।’’

टालने की नौबत आई तो टोक्यो गेम्स को रद्द ही किया जाएगा
मुतो ने कहा था, ‘‘दर्शकों को लेकर हमारी कोई शर्त नहीं है। हम चाहेंगे कि दर्शक स्टेडियम में न आएं, लेकिन अभी इस पर आखिरी फैसला नहीं लिया गया है।’’ वहीं, स्थानीय लोग चाहते हैं कि टोक्यो गेम्स को रद्द कर दिया जाए या फिर हो सके तो टाल दिया जाए। हालांकि, 2022 में फुटबॉल का वर्ल्ड कप (कतर) और विंटर ओलिंपिक (बीजिंग) के कारण टोक्यो गेम्स को टालना मुश्किल है। आईओसी स्पष्ट कर चुका है कि टालने की नौबत आई तो गेम्स को रद्द ही किए जाएंगे।

ओलिंपिक टलने से जापान को 56 हजार करोड़ रु. का नुकसान
जापान की डेली निक्कन स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओलिंपिक के एक साल टलने से जापान और विश्व की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। अकेले जापान को इससे 56 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। साथ ही उस पर 20 करोड़ रुपए का एक्स्ट्रा खर्च भी बढ़ गया है।

124 साल के इतिहास में पहली बार ओलिंपिक टाले गए
24 मार्च को आईओसी ने ओलिंपिक को 1 साल टालने का फैसला किया था। यह पहला मौका नहीं है, जब टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक को टाला गया। 1940 में इस शहर को पहली बार इन खेलों की मेजबानी मिली थी। लेकिन, चीन से युद्ध की वजह से यह गेम्स रद्द हो गए थे। 124 साल के इतिहास में ओलिंपिक 3 बार रद्द हुए हैं और पहली बार टले हैं। पहले विश्व युद्ध के चलते बर्लिन (1916), टोक्यो (1940) और लंदन (1944) गेम्स को कैंसिल करना पड़ा था।



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एक सर्वे के मुताबिक, स्थानीय लोग चाहते हैं कि टोक्यो गेम्स को रद्द कर दिया जाए या फिर हो सके तो टाल दिया जाना चाहिए। -फाइल फोटो


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