साओ पाउलो शहर के कब्रिस्तान में जगह नहीं, तीन साल पुरानी कब्रें खोदकर वहां दफनाए जा रहे शव

संक्रमण और मौतों के मामले में ब्राजील दूसरे स्थान पर है। यहां अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा संक्रमित हैं। मरने वालों की संख्या भी अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा हो गई है। हालात ये हैं कि अप्रैल में कोरोनावायरस को मामूली फ्लू बताने वाले राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की सरकार अब आंकड़े छिपा रही है। साओ पाउलो के कब्रिस्तान में नए शव दफनाने के लिए जगह नहीं है। लिहाजा, पुरानी कब्रें खोदकर वहां नई लाशें दफन की जा रही हैं।
बता दें कि ब्राजील में संक्रमितों की संख्या 8 लाख 50 हजार 514 हो चुकी है। मौतों का आंकड़ा 42 हजार 270 हो गया है।

पुरानी कब्रों से अवशेष निकाले जा रहे
साओ पाउलो के म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने एक बयान में बताया है कि नई लाशों को दफनाने के लिए जगह की कमी है। इसलिए पुरानी कब्रों को फिर से खोदा जा रहा है। बयान में कहा गया है- जो कब्रें तीन या इससे ज्यादा साल पुरानी हैं। उन्हें फिर खोदा जा रहा है। इनसे मिले अवशेषों को नंबर लिखे बैग्स में रखा जा रहा है। 15 दिन में ये अवशेष किसी दूसरे कब्रिस्तान को दिए जाएंगे। वहां इन्हें कब्र में डाल दिया जाएगा।

साओ पाउलो शहर के कब्रिस्तान में तीन या इससे ज्यादा साल पुरानी कब्रों को फिर खोदा जा रहा है।

दो महीने के आंकड़े ही नहीं
‘फॉक्स न्यूज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विला फॉर्मोसा कब्रिस्तान में अप्रैल में 1654 लोगों को दफनाया गया। यह संख्या मार्च के मुकाबले 500 ज्यादा थी। मई और जून में मौतें बेतहाशा बढ़ीं। लेकिन, इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। साओ पाउलो के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी 70 फीसदी हो गई। लेकिन, यहां के मेयर ब्रूनो कोवास इसे मुश्किल को तवज्जो ही नहीं दे रहे।

कब्रिस्तान के स्टाफ का कहना है कि अप्रैल में ही कब्र कम पड़ने लगी थीं। इसलिए पुरानी कब्रों को खोदने का फैसला लेना पड़ा।

काम बहुत ज्यादा बढ़ गया
विला फॉर्मोसा में कब्रें खोदने वाले एडनील्सन कोस्टा कहते हैं, “महामारी में काम बहुत बढ़ गया है। मुझे आने वाले वक्त से डर लगता है। मॉल्स और स्टोर फिर खुले तो खतरा बढ़ गया। संक्रमण कम नहीं हुआ, बल्कि बढ़ गया। लेकिन, लोग इस बात को समझने तैयार नहीं हैं। हमारे देश में हालात बहुत खतरनाक होते जा रहे हैं। मैं हैरान हूं। कुछ लोग अब भी कह रहे हैं कि कोविड-19 हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। यहां कब्रें कम पड़ गई हैं।”



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पुरानी कब्रों से जो अवशेष मिल रहे हैं। उन्हें नंबर लिखे बैग्स में रखा जा रहा है। 15 दिन में ये बैग्स किसी दूसरे शहर के कब्रिस्तान को सौंपे जाएंगे। वहां, इन्हें कब्र में डाला जाएगा।


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